रेलवे माल गोदाम से उर्वरक वेयरहाउस तक पहुंचकर डीएम ने परखी उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था
किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
रैक लगने से लेकर वेयरहाउस तक तथा सहकारी समितियों तक होगी उर्वरक परिवहन की डिजिटल मॉनिटरिंग, ट्रकों के वीडियो होंगे अपलोड
शखाद वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश
एटा। जनपद के किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय से उर्वरक उपलब्ध हो तथा खाद वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो, इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने आज रेलवे माल गोदाम से लेकर उर्वरक वेयरहाउसो का निरीक्षण किया, जहां विभिन्न कंपनियों की उर्वरक रेक प्राप्त होती हैं, उन्होंने उर्वरक वेयरहाउस का निरीक्षण कर भंडारण, परिवहन एवं वितरण व्यवस्था का गहन जायजा लिया।रेलवे माल गोदाम पर जिलाधिकारी ने इफको एवं कृभको के प्रतिनिधियों से उर्वरक रेक की प्राप्ति, अनलोडिंग, भंडारण तथा जनपद में आपूर्ति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि रेलवे रेक से उर्वरक उतारने से लेकर वेयरहाउस एवं सहकारी समितियों तक पहुंचाने की समस्त प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, एक निश्चित समय पर ही फसल में उर्वरक की आवश्यकता होती है उस दौरान कृषक बंधुओं को खाद समय से उपलब्ध रहे ।उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर पूरी व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने कासगंज रोड स्थित एटा केंद्रीय थोक उपभोक्ता सहकारी भंडार लिमिटेड तथा निधौली कला रोड स्थित पीसीएफ उर्वरक वेयरहाउस का निरीक्षण कर उपलब्ध स्टॉक, भंडारण व्यवस्था एवं वितरण प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोदामों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का स्टॉक बनाए रखा जाए तथा सभी सहकारी समितियों एवं क्रय-विक्रय केंद्रों पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को उनकी आवश्यकता के समय बिना किसी विलंब के खाद प्राप्त हो सके, सहकारी समितियां एवं क्रय विक्रय केदो से आर ओ प्राप्त हो जाने के उपरांत तत्काल खाद उपलब्ध कराई जाए इसके लिए पर्याप्त मात्रा में वाहनों एवं मजदूर का प्रबंध रहे। उन्होंने कहा कि उर्वरक बेयर हाउस में बोरियो का भंडारण लौट में इस प्रकार किया जाए कि उसे आसानी से गिनकर रिकॉर्ड से मिलान कर लिया जाए अनियोजित तरीके से उर्वरक का भंडारण न किया जाए।
जिलाधिकारी ने उर्वरक वेयरहाउसों में उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित कराने के निर्देश दिए, ताकि स्टॉक की उपलब्धता, आवक-जावक एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गतिविधि का समुचित अभिलेखीकरण आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने एआर कोऑपरेटिव को निर्देशित किया कि मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त निदेशक कृषि, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव, सभी गोदाम प्रभारियों, सहकारी समितियों के सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप तत्काल बनाया जाए। गोदाम से सहकारी समितियों एवं क्रय-विक्रय केंद्रों के लिए रवाना होने वाले प्रत्येक ट्रक का नम्बर प्लेट सहित वीडियो एवं आवश्यक विवरण उक्त ग्रुप पर अपलोड किया जाए, ताकि उर्वरक परिवहन एवं वितरण की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा सके और किसी भी स्तर पर विलंब अथवा अनियमितता की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसानों को समय से शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खाद वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर उपजिलाधिकारी अनवर राशिद फारुखी, संयुक्त निदेशक कृषि श्रवण कुमार, उप निदेशक कृषि सुमित कुमार, एआर कोऑपरेटिव सतीश कुमार, जिला कृषि अधिकारी मनवीर सिंह,सचिव डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, इफको एवं कृभको के प्रतिनिधियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
