निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : डीएम
सीएमआईएस परियोजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
निर्धारित अवधि में परियोजनाएं पूर्ण कर विभागों को करें हस्तांतरित : अरविन्द सिंह
एटा। जनपद में संचालित निर्माण परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएमआईएस (CMIS) के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति का विभागवार परीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा मानकों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयावधि में परियोजनाओं को शासन के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करें। यदि किसी परियोजना में शासन स्तर पर कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव को तत्काल पत्र प्रेषित कर समस्या का समाधान कराया जाए, जिससे परियोजनाओं को समय पर पूर्ण कर संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधोमानक निर्माण अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश जल निगम (अर्बन एवं रूरल), उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद, यू.पी. सिडको, सी एंड डी एस, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, मंडी परिषद, उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (यूपीआरएनएसएस), उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड तथा ग्रामीण अभियंत्रण सेवा द्वारा संचालित निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करें, साइट रजिस्टर अद्यतन रखा जाए तथा अधिशासी अभियंता एवं अवर अभियंता नियमित रूप से कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखना प्रत्येक कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार, एडीएसटीओ डॉ. उपेंद्र कुमार, डॉ. मुनीश कुमार, वरिष्ठ सहायक श्रवण कुमार, समस्त कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
