महिलाओं की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ हो समयबद्ध निस्तारण : रेनू गौर
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने तहसील सदर में की जनसुनवाई, चार मामलों का मौके पर निस्तारण
महिला बंदी गृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
एटा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की मा0सदस्य रेनू गौर ने आज बुधवार को तहसील सदर सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से संबंधित कुल 20 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 4 शिकायतों का संबंधित विभागों के अधिकारियों के समन्वय से मौके पर ही निस्तारण कर राहत प्रदान की गई। शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण तथा अन्य महिला संबंधी मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के उपरांत मा0सदस्य रेनू गौर ने जिला कारागार स्थित महिला बंदी गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। उन्होंने महिला बंदियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला बंदियों को शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिला कल्याण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए जरूरतमंद महिलाओं तक उनका लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही महिलाओं की शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखते हुए उन्हें शीघ्र न्याय उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उपजिलाधिकारी (सदर) श्वेता सिंह, कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह, वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर जागृति चतुर्वेदी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पूनम यादव, परिवार परामर्श केंद्र से ब्रह्मवती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
