मेरठ: थाना टीपी नगर क्षेत्र में दलित समाज की महिलाओं के खिलाफ जातिसूचक एवं अश्लील/आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मेरठ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर मांगी है।
आयोग द्वारा नोटिस जारी किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 6 अगस्त को मोहकमपुर एवं शिवपुरम क्षेत्र के चार युवकों ने हाईवे पर बाइक से स्टंट करते हुए अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के खिलाफ जातिसूचक शब्दों और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात भी शिकायत में कही गई थी।
शिकायत के अनुसार, थाना टीपी नगर में FIR संख्या 0423/2026 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a), 352 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 लगाई गईं, लेकिन एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं नहीं लगाई गईं।
एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के जिला युवा अध्यक्ष मयंक वर्मा ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि थाना प्रभारी की रविकांत से बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग उपलब्ध है, जिसमें मामले में एससी/एसटी एक्ट नहीं लगाए जाने की बात कही गई है। शिकायत में वायरल वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग को जांच में शामिल करने तथा थाना प्रभारी एवं विवेचक की भूमिका की जांच की मांग की गई थी।
आयोग ने मेरठ के जिलाधिकारी और एसएसपी से घटना की तारीख, थाना एवं अपराध संख्या, पीड़ित का नाम-पता, सभी अभियुक्तों के नाम, एफआईआर में लगाई गई धाराएं, गिरफ्तारी की स्थिति, आरोप-पत्र/अंतिम रिपोर्ट की स्थिति समेत एससी/एसटी अत्याचार निवारण नियमों के तहत की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने पर संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया जा सकता है।
