निराश्रित गोवंश संरक्षण, प्राथमिक शिक्षा, सामुदायिक सुविधाओं एवं पंचायत सचिवालयों की जिलाधिकारी ने जानी जमीनी हकीकत
गौशाला में चारा-पानी, जल निकासी एवं शीत ऋतु की तैयारियों को लेकर दिए निर्देश, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एमडीएम एवं बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थित, सुनिश्चित करने पर जोर
*सामुदायिक शौचालयों के नियमित संचालन एवं पंचायत सचिवालय में ग्रामीणों को एक छत के नीचे समस्त जनकल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश*
एटा। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली द्वारा आज जनपद में शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं वाली जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से मलावन क्षेत्र का ताबड़तोड़ निरीक्षण किया गया। उन्होंने अस्थाई निराश्रित गोवंश आश्रय केंद्र, सामुदायिक बारात घर, सामुदायिक शौचालय, परिषदीय विद्यालयों तथा पंचायत सचिवालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम अस्थाई निराश्रित गोवंश आश्रय केंद्र मलावन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आश्रय केंद्र में लगभग 350 निराश्रित गोवंश संरक्षित है,जिनमें176 नर गोवंश एवं 174 मादा गोवंश है उनकी देखभाल के लिए 07 केयरटेकर तैनात हैं। गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध पाया गया तथा केयरटेकरों के भुगतान की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी सकीट अजीत कुमार सिंह एवं पशु चिकित्सक डॉ0 जितेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि गोवंश के लिए हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता रहे, उन्होंने गौशाला परिसर में जलभराव की स्थिति को तत्काल दूर कराने तथा आगामी शीत ऋतु को देखते हुए जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशाला परिसर में कहीं भी पानी जमा न हो तथा निराश्रित गोवंश को समय से चारा, पानी एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती रहें,चारागाह की भूमि पर नेपियर घास तैयार कर गोवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था की जाए। गौवंश के स्वास्थ्य एवं संरक्षण की व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने कस्बा मलावन स्थित सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सामुदायिक भवन की व्यवस्थाएं सुचारु एवं व्यवस्थित रखी जाएं, ताकि समाज के सभी वर्गों को शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए इसका समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने नियुक्त केयरटेकर के माध्यम से भवन की देखरेख एवं सदुपयोग सुनिश्चित करने तथा परिसर में विशेष रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक शौचालय का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया कि निर्धारित समयावधि में सामुदायिक शौचालय नियमित रूप से खोले जाएं। शौचालयों की साफ-सफाई, स्वच्छता एवं हाइजीन का विशेष ध्यान रखा जाए। परिसर के आसपास जलभराव न हो तथा पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्रीय पंचायत सचिव नवनीत सिंह को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए सामुदायिक शौचालयों का निर्धारित समय पर संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वहां कार्यरत कार्मिकों का मानदेय समय से उनके खातों में भेजे जाने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा परिषदीय विद्यालय मलावन प एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय मलावन का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विद्यालय में बच्चों को पढ़ाए जा रहे विषयों के संबंध में विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षिक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा बच्चों की सुविधाओं एवं यूनिफॉर्म आदि के लिए धनराशि खातों में प्रेषित किए
जाने के बाद यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय न आए।
उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी जानकारी ली और निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन तैयार करने में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न एवं मसालों का प्रयोग किया जाए तथा किसी भी दशा में घटिया अथवा अनुपयुक्त सामग्री का प्रयोग न हो। जिलाधिकारी ने रसोइयों से उनके मानदेय के भुगतान की स्थिति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
उच्च प्राथमिक विद्यालय में उन्होंने कक्षा 06 की छात्रा जया एवं आर्यन से पुस्तकों को पढ़वाकर उनके पठन कौशल का भी परीक्षण किया। विद्यार्थियों द्वारा तत्परता से पाठ पढ़कर सुनाया गया। जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं मूलभूत व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था को अति शीघ्र प्रारंभ कर नियमित रूप से संचालित कर पठन पाठन प्रारंभ की जाए।निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालय परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। विद्यालय के वॉशरूम नियमित रूप से साफ एवं सुव्यवस्थित रहें तथा उनमें पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भी उन्होंने निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरान छात्र संख्या कम पाए जाने पर उन्होंने संबंधित कार्यकर्त्री एवं एवं सहायिका को बच्चों को शत प्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भ्रमण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने पंचायत सचिवालय मलावन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सहायक आरती उपस्थित मिलीं। जिलाधिकारी ने पंचायत सचिवालय में ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं एवं प्रमाण-पत्र संबंधी पत्रावलियों का अवलोकन किया। निरीक्षण में पाया गया कि आय, जाति, मूल निवास आदि प्रमाण-पत्रों से संबंधित पत्रावलियों में लाभार्थी के नाम के सामने मोबाइल नंबर अंकित नहीं किया गया था तथा केवल फार्म नंबर अंकित कर पत्रावली आगे प्रेषित की गई थी।
इस पर जिलाधिकारी ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अभिलेखों एवं रजिस्टरों को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखा जाए तथा प्रत्येक पत्रावली में आवश्यक विवरण पूर्ण रूप से अंकित किया जाए। उन्होंने पंचायत निरीक्षक एवं पंचायत सचिव को पंचायत सचिवालय का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत सचिवालय ऐसी महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जहां ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे विभिन्न जनोपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसलिए रोजगार सहायक, पंचायत सचिव एवं लेखपालों के बैठने के लिए जारी रोस्टर का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और संबंधित कार्मिक निर्धारित दिवसों में अनिवार्य रूप से पंचायत सचिवालय में उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं एवं कार्यों का निस्तारण करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं एवं जनसुविधाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंचना चाहिए। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तत्काल दूर कराया जाए तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर बीएसए अनुपम अवस्थी,खंड विकास अधिकारी सकीट अजीत कुमार सिंह, क्षेत्रीय पंचायत सचिव नवनीत सिंह,पशु चिकित्सक डॉ0 जितेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
