नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी कांड मामले पर आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. गुरुवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से अबतक हुई चीजों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. दूसरी तरफ आशीष मिश्रा आज पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुआ है.
चीफ जस्टिस ने पूछा आखिर आप क्या संदेश देना चाहते हैं? 302 के मामले में पुलिस सामान्यतया क्या करती है? सीधा गिरफ्तार ही करते हैं ना! अभियुक्त जो भी हो कानून को अपना काम करना चाहिए!
लखीमपुर खीरी मामले पर SC की सख्त टिप्पणी-
“क्या आरोपी आम आदमी होता तो उसे इतनी छूट मिलती। SIT में सिर्फ स्थानीय अधिकारियों को रखा गया है। यह मामला ऐसा नहीं जिसे CBI को सौंपना भी सही नहीं रहेगा। हमें कोई और तरीका देखना होगा। डीजीपी सबूतों को सुरक्षित रखें। 20 अक्टूबर को सुनवाई।”
सुप्रीम कोर्ट में हरीश साल्वे ने कहा कि किसानों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की बात सामने नहीं आई है. हालांकि, कोर्ट में यूपी सरकार ने यह भी बताया कि घटनास्थल से दो खाली कारतूस मिले थे.
साल्वे ने कहा कि अभियुक्त आशीष मिश्रा को नोटिस भेजा गया है वो आज आने वाला था. लेकिन उसने कल सुबह तक का टाइम मांगा है. हमने उसे कल शनिवार सुबह 11 बजे तक की मोहलत दी है. सीजेआई ने पूछा कि जिम्मेदार सरकार और प्रशासन इतने गंभीर आरोपों पर अलग बर्ताव क्यों किया जा रहा है?
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बीच कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बीजेपी पर निशाना साधा. वह बोले, ‘किसानों पर बेरहमी के साथ गाड़ी चढ़ा दी और केवल यहां ही नहीं कश्मीर में भी कैमिस्ट और टीचर की गोली मारकर हत्या कर दी गई फिर भी प्रधानमंत्री चुप हैं। वरूण गांधी ने इस मामले में जवाबदेही की बात की लेकिन उनको राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बर्ख़ास्त कर दिया गया.’
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