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25 हजार के इनामिया को छुड़ाने कोतवाली पहुंचे विधायक जी, पुलिस से हो गई होक टोक

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने 25 हजार इनामी अपराधी को पकड़ा। उसके ऊपर हत्या का प्रयास समेत कई केस दर्ज थे. मगर उसे बचाने के लिए भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा थाने आ पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाने लगे।
मगर पुलिस ने आरोपी को जेल भेजकर ही दम लिया. अभिजीत सिंह सांगा ने बताया कि 8-9 महीना पहले उनके कार्यकर्ता के भाई की हत्या हुई थी. जिसमें वह वादी है. जिस पर पुलिस दबाव बना रही है कि वह हत्या के मामले में मजबूत पैरवी न करें।
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक मामला सामने आया है. जहां देर रात एक विधायक थाना पहुंच गए. लेकिन विधायक जी यहां किसी काम नहीं बल्कि एक अपराधी की सिपारिश लेकर गए थे. विधायक के जिसके बाद उनके समर्थक भी वहां पहुंच गए। यहां नेता जी ने थानाध्यक्ष से बातचीत के दौरान उन्होंने गिरफ्तारी पर सवाल उठाया और बोले इसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है. फिर भी उसे गिरफ्तार किया गया है. ये आपराधी 25 हजार का इनामी भी बताया जा रहा है।

25 हजार के इनामी को छुड़ाने के लिए पुलिस के पास खुद भाजपा के विधायक अभिजीत सिंह सांगा जा पहुंचे. भाजपा विधायक अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ थाने आ आए और पुलिस को ही हड़काने लगे. इस दौरान खूब हंगामा हुआ और भाजपा विधायक ने धरना भी दिया. इस दौरान उन्होंने अपने समर्थकों के साथ थाना भी घेर लिया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत सिंह सांगा ने बताया कि 8-9 महीना पहले उनके कार्यकर्ता के भाई की हत्या हुई थी. जिसमें वह वादी है. जिस पर पुलिस दबाव बना रही है कि वह हत्या के मामले में मजबूत पैरवी न करें. विपक्ष उसके ऊपर ग्वालटोली, जाजमऊ थाना में मुकदमा लिखवा रहा है. पुलिस बिना जांच के चार्जशीट लगा रही है।

अभिजीत सिंह सांगा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 308 के मुकदमे में 307 की चार्जशीट लगाई जा रही है. घटना के दिन वह मौके पर नहीं था। इस बात का भी प्रमाण है. इसके बाद भी बीती रात उसे पुलिस वाले उठा ले आए हैं. घर वाले जब खोजते हुए यहां पहुंचे तो जानकारी मिली कि युवक की जमकर पिटाई हुई है। पुलिस वाले थर्ड डिग्री देने और 50 हजार रुपए की मांग कर रहे थे. यह आरोप जांच का विषय है. अधिकारियों के कान में इस समय जूं नहीं रेंग रही है। उन्हें सुनाने के लिए यहां आना पड़ा।

एक सवाल के जवाब में अभिजीत सिंह सांगा ने बताया कि उनके आने की जानकारी मिलते ही युवक का चालान काट दिया गया. उन्होंने आशंका जाहिर की कि अब युवक पर इनाम भी घोषित कर दिया जाए, हो सकता है उसका एनकाउंटर भी कर दिया जाए. अपनी ही सरकार के पुलिस के खिलाफ थाने में खड़े होना पड़ा के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सरकार की बात नहीं है।. यह भ्रष्टाचारी अधिकारियों के तंत्र की बात है।
अभिजीत सिंह सांगा ने बताया कि अभी उनकी बातचीत उच्च अधिकारियों से चल रही है. जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात करेंगे. उन्होंने बताया कि उनके आने की खबर मिलने के बाद पुलिस ने युवक का चालान काटा है। जो एक बहुत बड़ी साजिश और षड्यंत्र है. गांव में बैठकर जो लोगों को पढ़ाने का काम करता है। उसे पुलिस ने अपराधी बना दिया। जो काला सच है।

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