पराली जलाने पर सख्त कार्रवाई, किसानों से अपील वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं: उप कृषि निदेशक
एटा। उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि जनपद एटा में दिनांक 27 अप्रैल 2026 को सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की एक घटना की सूचना प्राप्त हुई। संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल एवं कृषि कर्मियों द्वारा मौके पर निरीक्षण करने पर विकास खंड अवागढ़ के ग्राम क्षेत्र में किसान द्वारा गेहूं की पराली/फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई।
इस प्रकरण में नियमानुसार संबंधित किसान पर ₹5000 का जुर्माना लगाया गया है। उप कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि कोई भी किसान अपने खेतों में पराली या फसल अवशेष न जलाएं। इसके स्थान पर किसान मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई कर पराली को मिट्टी में दबाएं अथवा उसे पशुओं के चारे के रूप में उपयोग में लाएं।
उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर शासन द्वारा कड़े प्रावधान निर्धारित हैं। यदि कोई किसान पराली जलाते हुए पाया जाता है, तो क्षेत्रफल के अनुसार ₹5000 से ₹30000 तक पर्यावरण क्षति प्रतिपूर्ति के रूप में वसूली की जाएगी। साथ ही, बार-बार उल्लंघन करने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। यह भी अवगत कराया गया कि पराली जलाने की घटनाएं सैटेलाइट के माध्यम से निरंतर निगरानी में रहती हैं, जिससे कोई भी दोषी बच नहीं सकता।
उन्होंने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि की उर्वरता बनाए रखने हेतु पराली न जलाएं तथा वैकल्पिक उपाय अपनाकर एक जिम्मेदार किसान की भूमिका निभाएं।
