महिला सुरक्षा को मिलेगा नया बल, अलीगंज में महिला थाना एवं दो पुलिस चौकियों का भूमि पूजन संपन्न
कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ी पहल, अलीगंज में 3.30 करोड़ लागत से महिला थाना एवं 95 -95 लाख की लागत से 2 पुलिस चौकिया का होगा निर्माण
एटा। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा महिला सुरक्षा एवं जनसुनवाई को प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। अलीगंज-मैनपुरी मार्ग पर प्रस्तावित महिला थाना भवन के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मा0 विधायक अलीगंज सत्यपाल सिंह राठौर, उप जिलाधिकारी अलीगंज जगमोहन गुप्ता एवं क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
लगभग 3.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले महिला थाना भवन के निर्माण से क्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षा, सहायता एवं न्याय प्राप्त करने के लिए एक समर्पित एवं सुलभ मंच उपलब्ध होगा। महिला अपराधों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा पीड़ित महिलाओं की प्रभावी सुनवाई में यह थाना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसी क्रम में थाना जसरथ पुर एवं थाना नयागांव क्षेत्र में दो नई पुलिस चौकियों की स्थापना हेतु भी भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन पुलिस चौकियों के निर्माण से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पुलिस की पहुंच और अधिक मजबूत होगी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराधियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से अपराधियों के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है तथा नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास कराया जा रहा है, जनपद की शांति एवं कानून व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वाले माफियाओं के विरुद्ध प्रशासनिक मशीनरी पूरी मुस्तैदी एवं प्रतिबद्धता के साथ कठोर कार्यवाही कर रही है।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को निर्देश दिए है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता मानकों एवं तकनीकी विशिष्टताओं के अनुरूप पूर्ण कराए जाएं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस परियोजना को जनपद में सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसे महिला सशक्तिकरण एवं सुशासन की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम बताया।
