पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में पारदर्शिता बरतें अधिकारी: रमेश चन्द्र कुंडे
मैनपुरी (अजय किशोर)। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चन्द्र कुंडे ने जनपद में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए और चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, भेदभाव या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
सदस्य ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पाया कि उज्ज्वला योजना के तहत प्राप्त 7000 आवेदनों में से केवल आधे लाभार्थियों को ही कनेक्शन मिले हैं, जिस पर उन्होंने शेष पात्र परिवारों को जल्द लाभान्वित करने को कहा। आयुष्मान योजना की समीक्षा में उन्होंने वर्ष 2011 के डेटा की तकनीकी त्रुटियों और नामों की स्पेलिंग में अंतर जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कर ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की चर्चा करते हुए रमेश चन्द्र कुंडे ने कई ग्राम पंचायतों, जैसे अहिरवा, धीरपुर और मदनपुर आदि में कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न वितरण में मनमानी की शिकायतों का संज्ञान लिया। उन्होंने पूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिकायतों की तत्काल जांच की जाए और गरीबों के हक का उल्लंघन करने वाले कोटेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में, उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान और सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों में नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सफाई कर्मचारियों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराने और उनके देयकों का समय से भुगतान करने पर भी बल दिया गया। इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।
