न्याय पंचायत स्तर पर कृषक गोष्ठियों का आयोजन, किसानों को पराली प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की दी जा रही जानकारी
एटा। कृषि विभाग द्वारा कृषकों को इन-सीटू योजना के अंतर्गत पराली प्रबंधन, फसल उत्पादन की उन्नत तकनीकों, आधुनिक कृषि यंत्रों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिनांक 10 से 12 सितम्बर तक जनपद की सभी 72 न्याय पंचायतों में कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।
कृषक गोष्ठियों में किसानों को पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन एवं उपयोग करने की जानकारी दी जा रही है, जिससे मृदा में जीवांश कार्बन की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य में सुधार किया जा सके। इसके साथ ही फसल उत्पादन की उन्नत तकनीक, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक एवं कीटनाशी के विवेकपूर्ण प्रयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण पर मिलने वाले अनुदान तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के संबंध में किसानों को विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
उप कृषि निदेशक सुमित पटेल के निर्देशन में न्याय पंचायत स्तर पर तैनात कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसानों को कृषि यंत्रों पर देय अनुदान तथा पराली प्रबंधन में उपयोगी यंत्रों के व्यवहारिक प्रयोग के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसानों को सुपर सीडर, मल्चर, रोटावेटर, रिवर्सिबल एम.बी. प्लाऊ आदि कृषि यंत्रों के उपयोग एवं उनके माध्यम से फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि फसल अवशेषों को खेत में न जलाएं, बल्कि आधुनिक कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग कर उनका समुचित प्रबंधन करें। इससे मृदा की उर्वरता बनाए रखने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
