मेडिकल कॉलेज एटा में पीजी के दूसरे बैच के संचालन को NMC की अनुमति
छह विषयों में संचालित हो रहा पीजी पाठ्यक्रम, पहले बैच में 15 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत
एटा। वीरांगना अबन्तीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, एटा में परास्नातक (पीजी) एमडी/एमएस पाठ्यक्रमों का संचालन जारी है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स एवं कम्युनिटी मेडिसिन सहित छह विषयों में पीजी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा मेडिकल कॉलेज में संचालित इन छह पीजी पाठ्यक्रमों के दूसरे बैच के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। वर्तमान में पहले बैच में इन छह पाठ्यक्रमों में कुल 15 एमडी/एमएस छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। दूसरे बैच के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।
एनएमसी द्वारा पीजी पाठ्यक्रमों की समीक्षा के दौरान मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध आचार्य/शिक्षकों, चिकित्सकीय सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक संसाधनों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई थी। समीक्षा के उपरांत दूसरे बैच के संचालन की अनुमति प्रदान की गई है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि “पीजी के दूसरे बैच के संचालन की अनुमति मिलना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है। इससे मेडिकल कॉलेज में उच्च चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। संस्थान द्वारा पीजी एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज द्वारा एमडी एनेस्थीसिया, डीएनबी पीडियाट्रिक्स तथा मेडिसिन सहित अन्य पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति के लिए भी आवेदन किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के संबंध में एनएमसी की टीम द्वारा निरीक्षण भी किया जा चुका है। उपलब्ध संसाधनों, चिकित्सकीय सुविधाओं एवं शिक्षकों की समीक्षा के आधार पर आगामी समय में अन्य पाठ्यक्रमों की अनुमति मिलने की संभावना है।
प्राचार्य प्रो. डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि “मेडिकल कॉलेज में नए पीजी एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के विस्तार से क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही जनपद में उच्च चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा जनपद एटा एवं आसपास के क्षेत्रों की जनता को विभिन्न विशेषज्ञताओं में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।”
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय संसाधनों को निरंतर मजबूत करते हुए उच्च चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
