मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का अवसर
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ने के लिए लाभार्थियों को किया जागरूक
एटा। शासन की मंशा नुसार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे कार्यक्रमों के तहत
प्रभारी राजकीय फल संरक्षण केंद्र, एटा के तत्वावधान में मुख्यमंत्री स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ विकासखंड शीतलपुर के ग्राम मजरा जत में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिव स्वरूप द्वारा फीता काटकर एवं मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को स्टेशनरी सामग्री का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए लाभार्थियों को स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा युवाओं एवं इच्छुक व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
मुख्य प्रशिक्षक अयोध्यादास वर्मा द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं, उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया तथा आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
अतिथि व्याख्याता मनोज कुमार दीक्षित द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में उपयोग होने वाली विभिन्न मशीनों एवं उपकरणों की जानकारी दी गई। साथ ही खाद्य पदार्थों के संरक्षण, प्रसंस्करण की तकनीक तथा उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में प्रशिक्षणार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
राजकीय फल संरक्षण केंद्र के प्रभारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने जनपद में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विभिन्न स्वरोजगार उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बेकरी उद्योग, डेयरी उद्योग, मसाला उद्योग, आटा चक्की एवं मिनी ऑयल मिल आदि स्थापित करने की प्रक्रिया एवं इनके माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले मशीनी उपकरणों पर अनुदान एवं अन्य विभागीय सुविधाओं की जानकारी भी प्रशिक्षणार्थियों को दी। साथ ही उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों एवं लाभों के बारे में जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि एवं उद्यान उत्पादों का प्रसंस्करण कर मूल्य संवर्धन, आय में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इच्छुक युवा, किसान एवं अन्य पात्र व्यक्ति विभागीय योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित अपना उद्योग स्थापित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं एवं इच्छुक लाभार्थियों को स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर स्वयं का उद्यम स्थापित करने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने में रुचि रखने वाले इच्छुक व्यक्ति राजकीय फल संरक्षण केंद्र, एटा से संपर्क कर प्रशिक्षण, योजना, अनुदान एवं मशीनरी संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
