भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
जनगणना कार्य में पूरी पारदर्शिता एवं सटीकता सुनिश्चित करें अधिकारी : जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली
कोई भी क्षेत्र, परिवार अथवा मकान गणना से न छूटे, प्रशिक्षण एवं फील्ड कार्य की कराई जाए प्रभावी निगरानी
एटा। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या की गणना) की तैयारियों, कार्मिकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण एवं जनगणना कार्य के सफल संचालन के संबंध में प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य की समयबद्ध, पारदर्शी एवं व्यवस्थित तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने कहा कि जनगणना देश के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं विकास संबंधी योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए जनगणना से जुड़े सभी अधिकारी एवं कार्मिक पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में कोई भी क्षेत्र, परिवार अथवा मकान गणना से छूटने न पाए तथा संकलित किए जाने वाले आंकड़े पूरी तरह सटीक एवं विश्वसनीय हों।
उन्होंने कहा कि जनगणना कर्मियों के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रत्येक बिंदु की जानकारी एवं कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझाया जाए, जनगणना के महत्व को देखते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया के माध्यम से कराया जाए, ताकि आमजन जनगणना कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए सही जानकारी प्रदान करें । जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की निर्धारित समय-सारिणी की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया गया कि स्वगणना की अवधि 16 से 30 नवम्बर 2026 तक, जनसंख्या की गणना 01 दिसम्बर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक तथा रिवीजनल राउंड 05 से 09 जनवरी 2027 तक निर्धारित है।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने निर्देश दिए कि द्वितीय चरण से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार समय से पूर्ण कर ली जाएं। कार्मिकों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण, फील्ड विजिट एवं अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जिन प्रगणकों एवं संबंधित कार्मिकों को जिस ब्लॉक/क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ है, संभव प्रयास किया जाए कि द्वितीय चरण में भी उन्हें उसी ब्लॉक/क्षेत्र में कार्य आवंटित किया जाए, जिससे स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी एवं पूर्व अनुभव का लाभ जनगणना कार्य में मिल सके।
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि जनपद के लिए 68 फील्ड ट्रेनर चयनित किए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। फील्ड ट्रेनरों के दो बैचों का प्रशिक्षण 07 से 09 अक्टूबर 2026 एवं 14 से 16 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार, एटा में प्रस्तावित है। इसके बाद प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तहसील स्तर पर अक्टूबर-नवम्बर माह में प्रशिक्षण कराया जाना है।
जिलाधिकारी एम अरुन्मोली ने कहा कि जनगणना के दौरान 40 से अधिक बिंदुओं पर आवश्यक जानकारी संकलित की जानी है, इसलिए सभी संबंधित कार्मिकों को प्रत्येक बिंदु की जानकारी एवं प्रक्रिया का गहन प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण में किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे और कार्मिकों को फील्ड में आने वाली संभावित परिस्थितियों के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी जाए।
बैठक में जनगणना-2027 के प्रथम चरण में बनाए गए 850 से अधिक जनसंख्या वाले एचएलबी के विभाजन तथा चार्ज स्तर पर उनके सत्यापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि चार्ज अधिकारियों द्वारा एचएलबी की जनसंख्या एवं एचएलबी मानचित्र के आधार पर सत्यापन कर उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी एम.अरुन्मोली ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी तैयारियां पूर्ण हों और जनगणना कार्य में शत-प्रतिशत कवरेज, पारदर्शिता एवं सटीकता बनी रहे।
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्र प्रकाश पाठक, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, समस्त उपजिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी न्यायिक, समस्त तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगरीय निकाय, मास्टर ट्रेनर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक आदि उपस्थित रहे।
