संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए की गई व्यवस्थाओं का जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने ग्राम रसूलपुर गढ़ौली पहुंचकर किया स्थलीय निरीक्षण
स्वास्थ्य परीक्षण, सैंपलिंग एवं दवा वितरण में तेजी लाने के निर्देश, स्वच्छता और शुद्ध पेयजल आपूर्ति पर विशेष जोर
आठ हैंडपंपों का पानी पेयजल मानकों के अनुरूप नहीं मिला, लाल क्रॉस निशान लगाकर पानी के उपयोग पर रोक लगाने की कार्यवाही पूर्ण
एटा। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जि, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य,एसडीएम सदर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विकासखंड मारहरा के ग्राम रसूलपुर गढ़ौली का स्थलीय निरीक्षण कर संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गांव में पैदल भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, जलनिकासी, मच्छर नियंत्रण एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति की स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गांव का पैदल भ्रमण कर नाले-नालियों एवं पोखर की नियमित साफ-सफाई कराने, एंटी लार्वा का लगातार छिड़काव करने तथा मार्गों एवं नालियों के किनारे चूने का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव में कहीं भी जलभराव की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें, दूषित पानी के उपयोग पर लगाएं रोक
जल निगम ग्रामीण द्वारा निरीक्षण के दौरान आठ हैंडपंपों के पानी के नमूने पेयजल मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इस पर जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि उक्त हैंडपंपों पर लाल क्रॉस का निशान लगवाकर उनके पानी के उपयोग पर रोक लगाने की कार्यवाही सुनिश्चित कर दी गई है,उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पानी की टंकी से आपूर्ति किए जाने वाले जल का क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के बाद ही उसे ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए। पाइपलाइन में कहीं भी लीकेज अथवा टूट-फूट मिलने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा पानी की टंकी की नियमित साफ-सफाई एवं क्लोरीनेशन का कार्य समय से पूरा किया जाए।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, उबालकर पानी पिएं तथा किसी भी प्रकार के लक्षण अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण किसी भी स्थिति में अप्रशिक्षित व्यक्तियों से उपचार न कराएं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों एवं अधिकृत चिकित्सकों से ही चिकित्सा सुविधा प्राप्त करें।
गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच एवं सैंपलिंग में लाएं तेजी
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मेडिकल कॉलेज की टीम गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। संभावित मरीजों की जांच के साथ गांव में ही नमूने एकत्र किए जा रहे हैं तथा मेडिकल कॉलेज के माध्यम से उनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त कर आवश्यक अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्वास्थ्य परीक्षण, सैंपलिंग एवं दवा वितरण में तेजी लाने तथा प्रभावित एवं संभावित मरीजों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी एवं उप जिलाधिकारी सदर को संयुक्त रूप से गांव का नियमित भ्रमण कर स्वास्थ्य, स्वच्छता, जलनिकासी एवं पेयजल संबंधी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन जी ,मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर श्वेता सिंह, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 राजेंद्र प्रसाद,जिला पंचायत राज अधिकारी, जल निगम ग्रामीण के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी मारहरा, एमओआईसी मारहरा, एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
