
कॉन्सेप्ट फोटो (फोटोःसोशल मीडिया)
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Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दरोगा सुभाष चंद को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। वहीं, गैरहाजिर चल रहे सिपाही के खिलाफ भी बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। एसएसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा है।
मिली जानकारी के अनुसार सरूरपुर थाने के करनावल निवासी कुख्यात उधम सिंह को कोर्ट से जमानत दिलाने में दरोगा सुभाष चंद की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। इसकी शिकायत मिलने पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने एसपी देहात को मामले में जांच के बाद रिपोर्ट सौंपने को कहा था। जांच रिपोर्ट के मामले में एसएसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि कुछ बदमाशों के अपराध के कोर्ट में पैरवी से लेकर निगरानी तक का जिम्मा दरोगा का होता है। सुभाष चंद के ड्यूटी में लापरवाही बरतने की बात सामने आई, जिसकी जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि सुभाष चंद से सांठगांठ के बाद ही कुख्यात उधम सिंह को जमानत मिली थी।
इसके बाद कुख्यात उधम सिंह जेल से बाहर आ गया था। जेल से आते ही उधम सिंह ने बैंक अधिकारियों से रंगदारी मांगी थी। हालांकि पुलिस ने बैंक अधिकारियों की शिकायत पर उधम सिंह को जेल भेज दिया। एसएसपी ने बताया कि उधम सिंह बड़ा शातिर अपराधी है, जिनकी जगह जेल में है।
बता दें कि कुछ महाने पहले ही एसएसपी की गोपनीय रिपोर्ट में 75 पुलिस कर्मी लाइन हाजिर किए गए थे, इनमें करीब 20 प्रतिशत पुलिस कर्मी किठौर थाने में तैनात रह चुके थे। खास बात यह है की उक्त पुलिसकर्मी सेटिंग कर किठौर थाने के आसपास ही अपनी तैनाती पंसद करते थे ताकि माफियाओ से संपर्क बना रहे। प्रभाकर चौधरी 2010 बैच के आइपीएस अफसर हैं। मेरठ में अपनी तैनाती के बाद से ही भ्रष्ट व लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ उन्होंने कड़ा रुख अपनाया हुआ है।
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