
गाजियाबाद: PF रकम निकलवाने के नाम पर करोड़ों ठगने वाले गैंग का खुलासा
गाजियाबाद: PF रकम निकलवाने के नाम पर करोड़ों ठगने वाले गैंग का खुलासा
Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिटायर्ड बुजुर्गों को शिकार बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश किया गया है। इंदिरापुरम पुलिस ने साइबर सेल के साथ मिलकर तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। प्रोविडेंट फंड डिपार्टमेंट का डाटा हासिल करके उन बुजुर्गों को शिकार बनाते थे, जिनका प्रोविडेंट फंड मेच्योरिटी की तरफ पहुंच गया होता था। उन लोगों को कहते थे कि हम आपको आपके प्रोविडेंट फंड के रुपए आसानी से दिलवा देंगे। इसकी एवज में मोटी रकम वसूल लिया करते थे।
बताया जा रहा है कि अब तक इन आरोपियों ने करोड़ों रुपए की ठगी अंजाम दी है। इनके कई खाते पुलिस ने फ्रीज और सीज कर दिए हैं। मामले में आगे की जानकारी जुटाई जा रही है। एक युवती भी इस गैंग में शामिल है जो फोन किया करती थी।
सरकारी डिपार्टमेंट के लोगों की मिलीभगत का शक
पुलिस इस बात को खुद मान रही है, कि मामले में किसी सरकारी डिपार्टमेंट के लोग शामिल हो सकते हैं। उन्हीं के माध्यम से आरोपियों को बुजुर्ग रिटायर लोगों का डाटा मिल जाता था। पुलिस को लंबे समय से इस गैंग की शिकायत मिल रही थी। इस गैंग के तार महाराष्ट्र और गुजरात तक भी फैले हुए हैं। इन्होंने कई राज्यों के लोगों के साथ करोड़ों रुपए की ठगी अंजाम दी है। इस गैंग में शामिल युवती की तलाश पुलिस कर रही है। युवती अपनी मीठी बातों में उलझा कर बुजुर्ग लोगों को शिकार बना लिया करती थी।
रिटायर्ड बुजुर्गों को शिकार बनाने वाल गैंग
ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
पुलिस ने आगाह किया है, कि ठगी से बचने के लिए ऐसे शातिर लोगों से बचने की जरूरत है। सावधान रहने की जरूरत है। पीएफ के विड्रावल के नाम पर पहली बार इस तरह का मामला सामने आया है। इसलिए साफ है कि ठगी के नए नए फार्मूले अपनाने के लिए ठग पीछे नहीं हट रहे हैं। पकड़े गए तीनों आरोपी महज 12वीं पास है। लेकिन उन्होंने करोड़ो रुपए की ठगी अंजाम देकर यह दर्शा दिया है, कि कैसे एनसीआर में ठगों का पूरा जाल फैला हुआ है।
कलप्रिट तहलका (राष्ट्रीय हिन्दी साप्ताहिक) भारत/उप्र सरकार से मान्यता प्राप्त वर्ष 2002 से प्रकाशित। आप सभी के सहयोग से अब वेब माध्यम से आपके सामने उपस्थित है।
समाचार,विज्ञापन,लेख व हमसे जुड़ने के लिए संम्पर्क करें।
