एटा। बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान के अपमान को लेकर संसद से विधानसभा लखनऊ तक विपक्ष हमलावर है। वहीं देशभर में भी विभिन्न राजनीतिक दलों ने डॉ. आंबेडकर के अपमान को लेकर कड़ी निंदा की है। हिंदूवादी नेता रंजीत कुमार उर्फ राजू आर्य ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का अपमान करने वाले भारत के संविधान और लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान कर रहे हैं। भारत की आजादी मिलने के बाद भारतीय संविधान को बनाने वालों ने यह कभी नहीं सोचा था कि देश की सत्ता में बैठे हुए गृहमंत्री जैसे बड़े पद पर बैठा व्यक्ति आंबेडकर का अपमान करेंगे। डॉ. आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से दलितों, पिछड़ों, वंचितों, महिलाओं और समाज के उन सभी वर्गों को लिए अधिकार दिया जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े थे। समता मूलक लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए संविधान में प्रावधान किया था। उन्होंने कहा बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का अपमान करना संविधान विरोधी है।
देश की 85 प्रतिशत जनसंख्या के लिए बाबासाहेब आंबेडकर भगवान हैं लोग उन्हें भगवान की तरह पूजते हैं इसलिए भविष्य में राजनेताओं को बाबासाहेब पर सोच-समझकर बोलना चाहिए।
बाबासाहब डॉ आंबेडकर ने संविधान में दलितों, पिछड़ों, वंचितों, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार दिया है: राजू आर्य
Amit Mathur - उप संपादक (कलप्रिट तहलका) पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर समाचार लेखन करते हैं। वे पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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