एम्स में 13 साल का इंतजार… फिर 15 साल की तन्वी की मौत: हार्ट-लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए चल रहा था इलाज, परिवार ने सर्जरी में देरी का लगाया आरोप
राजस्थान के कोटा की 15 वर्षीय तन्वी की दिल्ली स्थित AIIMS में इलाज के दौरान मौत हो गई। तन्वी महज दो साल की उम्र से जटिल जन्मजात हृदय रोग से जूझ रही थी और करीब 13 वर्षों से AIIMS में इलाज व फॉलोअप चल रहा था। परिवार का आरोप है कि कई बार सर्जरी की तारीख तय होने के बावजूद ऑपरेशन नहीं हो सका।
बचपन में पता चली गंभीर बीमारी..
तन्वी को VSD (दिल में छेद) और Pulmonary Atresia की समस्या थी। उसे पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को AIIMS लाया गया था। 2013 में उसकी सर्जरी की संभावना को लेकर कई जांच की गईं। AIIMS के 31 जनवरी 2014 के एक दस्तावेज में ‘Unifocalisation & Conduit’ सर्जरी का उल्लेख था और इसकी अनुमानित लागत करीब 1.25 लाख रुपये बताई गई थी।
परिवार का दावा है कि 2015 में ऑपरेशन की तारीखें दी गईं, लेकिन सर्जरी नहीं हो सकी। पिता मुकेश परियानी का आरोप है कि इसके बाद भी वे वर्षों तक इलाज के लिए AIIMS के चक्कर लगाते रहे।
AIIMS ने क्यों नहीं की सर्जरी?
AIIMS का कहना है कि 2013 में सर्जरी के लिए मूल्यांकन किया गया था, लेकिन बाद की जांचों में तन्वी के हृदय और फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं की संरचना बेहद जटिल पाई गई। AIIMS के मुताबिक 2017 में सुधारात्मक सर्जरी को संभव नहीं माना गया और इसके बाद दवाओं तथा नियमित फॉलोअप से इलाज जारी रखा गया। 2018 की जांच में फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली प्रमुख रक्त वाहिकाओं के अभाव की बात सामने आई थी।
यानी परिवार का कहना है कि सर्जरी का इंतजार वर्षों तक चलता रहा, जबकि AIIMS का पक्ष है कि बाद में उसकी जटिल शारीरिक स्थिति के कारण सर्जरी जोखिम भरी और संभव नहीं रही।
ट्रांसप्लांट की उम्मीद भी अधूरी रह गई
हालात बिगड़ने पर तन्वी को 24 अगस्त 2026 को AIIMS में भर्ती कराया गया। इस बार डॉक्टर संभावित हार्ट-लंग्स ट्रांसप्लांट के लिए उसका मूल्यांकन कर रहे थे। इसी प्रक्रिया के तहत जांचें की जा रही थीं।
लेकिन 1 सितंबर की सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। AIIMS के डॉक्टर के अनुसार उसे कमजोरी महसूस हुई, उसकी ऑक्सीजन सैचुरेशन काफी गिर गई और बाद में कार्डियक अरेस्ट हुआ। तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
अब AIIMS ने बनाई जांच समिति….
तन्वी की मौत और सर्जरी में कथित देरी को लेकर उठे सवालों के बाद AIIMS ने जांच कमेटी गठित की है। कमेटी उसके पूरे मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट, इलाज, विशेषज्ञों की राय और मौत से पहले की घटनाओं की समीक्षा करेगी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
