
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भ गृह की दीवारों पर 37 किलोग्राम सोने से परत चढ़ाने का काम पूरा हो गया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार अब गर्भ गृह के चारों चौखटों से चांदी की परत हटा कर उन पर सोने की परत चढ़ाई जाएगी। मंडलायुक्त तथा काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल के अनुसार, बाबा विश्वनाथ के एक भक्त ने गुप्त दान के रूप में सोना देने की इच्छा जाहिर की थी।
उन्होंने बताया कि भक्त के पहचान उजागर ना किये जाने की शर्त की वजह से उनका नाम गुप्त रखा जा रहा है। जिला प्रशासन व मंदिर प्रशासन में हालांकि कोई भी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा पर यहां कुछ खबरों में कहा गया है कि मंदिर के गर्भ गृह में लगाया जाने वाला सोना, दक्षिण भारत के एक श्रद्धालु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के वजन के बराबर दान दिया है। प्रशासन की ओर से यह खुलासा भी नहीं किया गया कि कितना सोना उन्हें दान में मिला है।
प्रशासन के मुताबिक गर्भ गृह की दीवारों पर स्वर्ण परत चढ़ाने में करीब 37 किलोग्राम सोने का उपयोग किया गया। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि कई वर्ष पूर्व मंदिर के गर्भ गृह को स्वर्ण मंडित करने के लिए एक खाका तैयार किया गया था।
उन्होंने बताया कि उस वक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने गर्भ गृह की दीवारों को सोने की परत का अतिरिक्त भार सहने योग्य नहीं माना था, जिस वजह से उस समय इस कार्य को रोक दिया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, गर्भ गृह की दीवारों को स्वर्ण मंडित करने में 10 सदस्यीय कारीगरों की टीम ने काम किया है।
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