अमानक व नकली कीटनाशकों के खिलाफ जागरूकता: ‘ग्रो सेफ फूड अभियान 2.0’ के तहत किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
एटा। “ग्रो सेफ फूड – अमानक, नकली एवं अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों से सावधान” अभियान 2.0 के अंतर्गत किसान जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित
किसानों की फसल सुरक्षा तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जनपद एटा में “ग्रो सेफ फूड – अमानक, नकली एवं अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों से सावधान” अभियान 2.0 संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 22 जून 2026 को प्रगतिशील किसानों एवं कृषि रक्षा इकाई प्रभारियो का एक जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में कीटनाशी कंपनी के प्रतिनिधि एम. एस. सुल्तान द्वारा कीटनाशकों एवं पेस्टिसाइड के अनुचित प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों तथा उनके सुरक्षित एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई। जिला उद्यान अधिकारी ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हुए फल एवं सब्जी फसलों में कीटनाशकों के संतुलित एवं सुरक्षित उपयोग पर विशेष बल दिया। वहीं एफपीओ प्रतिनिधि विनोद ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराते हुए रासायनिक कीटनाशकों के सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह दी।
इस अवसर पर डॉ. मनवीर सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, एटा ने बताया कि यह विशेष अभियान 15 जून 2026 से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य किसानों को अमानक, नकली एवं अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा केवल पंजीकृत एवं गुणवत्तायुक्त कृषि आदानों के उपयोग को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान कृषि विभाग की टीमें जनपद के विभिन्न बाजारों, कीटनाशी विक्रय प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का सघन निरीक्षण कर रही हैं। अमानक अथवा अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों के भंडारण एवं विक्रय पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण एवं गोष्ठियों का आयोजन भी किया जा रहा है।
डॉ. मनवीर सिंह ने किसानों से अपील की कि वे बीज, उर्वरक एवं कीटनाशी केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें तथा खरीद की रसीद अवश्य प्राप्त करें। किसी भी संदिग्ध कृषि आदान अथवा अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें।
“सुरक्षित फसल, स्वस्थ समाज — ग्रो सेफ फूड अपनाएं”
