टीचर नहीं, बिजली-पानी नहीं… किताबें हैं तो पेपर लीक! बाबा रामदेव बोले—कहीं मुझे भी धरने पर न बैठना पड़े
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए योगगुरु रामदेव ने देश की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार पर तीखे सवाल खड़े किए।
रामदेव ने कहा कि देश में चारों तरफ हंगामा है। छोटे-छोटे स्कूलों से बच्चे निकलकर शिकायत कर रहे हैं कि कहीं टीचर नहीं हैं, कहीं बिजली-पानी की सुविधा नहीं है तो कहीं शौचालय तक नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किताबें हैं तो टीचर नहीं और टीचर हैं तो किताबें नहीं।
कभी मोदी सरकार क़े नज़दीकी कहे जाने वाले बाबा रामदेव अब बदले बदले नज़र आये।
भर्ती और परीक्षा व्यवस्था पर भी रामदेव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किताबें आती हैं तो पेपर लीक हो जाता है और 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम का भी कोई स्पष्ट तालमेल नजर नहीं आता। आखिर में दाखिले प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के आधार पर ही होते हैं।
आंदोलन के सवाल पर रामदेव ने कहा कि वह अराजकता के समर्थक नहीं हैं, लेकिन हालात ऐसे ही रहे तो कहीं ऐसा न हो कि उन्हें भी धरने पर बैठना पड़े। इस दौरान उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सुर में सुर मिलाते हुए व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा।
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