जिले में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट एवं प्राईवेट अस्पतालों के संचालक कर रहे सुरक्षा-व्यवस्था से खिलवाड़…. खुलेआम उड़ा रहे मानकों की धज्जियां
सब एडिटर: अमित माथुर
एटा। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में लगी भीषण आग (जिसमें 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई थी) के बाद प्रदेश के अधिकांश जनपदों में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटरों सहित होटल्स, रेस्टोरेंट, प्राईवेट अस्पतालों की सुरक्षा-व्यवस्था संदेह के घेरे में आ गई है। लखनऊ लाइब्रेरी अग्निकांड ने लोगों की सुरक्षा, अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
लखनऊ की इस घटना से सीख लेकर एटा जिला प्रशासन अगर ढंग से जांच कराए तो जनपद में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटरों सहित होटल्स, रेस्टोरेंट, प्राईवेट अस्पतालों की सुरक्षा-व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का घोर अभाव देखने को मिलेगा।
जनपद में संचालित लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटरों सहित होटल्स, रेस्टोरेंट, प्राईवेट अस्पतालों में दमकल विभाग की एनओसी न होना या फिर एनओसी है भी तो आग बुझाने वाले यंत्र संचालित स्थिति में नहीं होना पाए जाएंगे, साथ ही ऐसे स्थानों पर आपातकालीन रास्तों की कमी है, कई जगहों पर बेसमेंट या ऊपरी मंजिलों तक जाने के लिए केवल एक संकरी सीढ़ी ही हैं। आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के कोई इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit) नहीं हैं।
लखनऊ की घटना के बाद जिला प्रशासन एटा भविष्य में जनपद में ऐसी अप्रिय घटना ना होने पाए उसको रोकने के लिए कितना गंभीर है और इसको रोकने के लिए जमीनीस्तर पर कोई बड़ा अभियान चलाकर लोगों के जान-माल से खिलवाड़ करने वाले लोगों पर शिकंजा कसता है या नहीं, जिले के प्रत्येक नागरिक के दिमाग में बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
