स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
संस्थागत प्रसव, टीकाकरण एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
कुपोषण मुक्त अभियान, परिवार नियोजन एवं किशोरियों के टीकाकरण पर विशेष जोर
एटा। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विगत माह मई की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जनसंख्या के अनुपात में गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों निधौली कला, मिरहची में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिला महिला चिकित्सालय में लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने हेतु सी एम एस एवं मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को तत्काल करने के निर्देश दिए जिला महिला चिकित्सालय में भुगतान की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाई गई थी।
जिलाधिकारी ने परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ाया जाए तथा पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन साधनों के प्रति जागरूक किया जाए।
बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं कुपोषण उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से कम वजन एवं कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनका समुचित उपचार एवं पोषण प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ऐसे बच्चों का चिन्हांकन कर समयबद्ध कार्यवाही की जाए।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर समय से टीकाकरण कराया जाए तथा नियमित रूप से माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य किया जाए।
14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को लगाए जा रहे गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रथम डोज प्राप्त कर चुकी सभी किशोरियों को समय से दूसरी डोज भी उपलब्ध कराई जाए, जिससे अभियान के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति हो सके।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड निर्माण की समीक्षा में प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की तथा मुख्य विकास अधिकारी को नियमित समीक्षा करते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड शत-प्रतिशत बनाए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. बलवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राममोहन तिवारी, डॉ. सतीश नागर, डॉ. सुधीर मोहन, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इन्द्रजीत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
