शिकायतकर्ता से संवाद और स्थलीय सत्यापन के बाद ही हो शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण : जिलाधिकारी
संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों पर डीएम ने भेजीं राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीमें, मौके पर कराई जांच एवं कार्यवाही
आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल, दैनिक जनसुनवाई, संपूर्ण समाधान दिवस अथवा थाना दिवस—हर शिकायत के निस्तारण में शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना अनिवार्य
एटा। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को जनपद की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील जलेसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने स्वयं उपस्थित होकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि आवश्यकता के अनुसार मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। इसी क्रम में संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रकरणों की प्रकृति के अनुसार राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल मौके पर भेजकर स्थलीय जांच एवं आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। संयुक्त टीमों द्वारा संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त करने, अभिलेखों का परीक्षण करने तथा मौके की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने कहा कि शिकायत चाहे आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल, दैनिक जनसुनवाई, संपूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस अथवा किसी अन्य माध्यम से प्राप्त हो, उसके निस्तारण में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह शिकायतकर्ता से स्वयं बात कर उसकी समस्या के संबंध में फीडबैक अवश्य प्राप्त करे। निस्तारण के उपरांत मौके की स्थिति एवं की गई कार्रवाई से संबंधित फोटोग्राफ भी अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं, ताकि निस्तारण की वास्तविकता एवं गुणवत्ता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो सके।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर आख्या अपलोड करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से समझते हुए आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण किया जाए तथा पात्र व्यक्ति को नियमानुसार राहत एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए। बिना स्थलीय सत्यापन अथवा शिकायतकर्ता से संवाद किए औपचारिक रूप से शिकायत का निस्तारण करने की प्रवृत्ति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने पूर्व में संपूर्ण समाधान दिवस सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की तथा संबंधित शिकायतकर्ताओं से दूरभाष के माध्यम से फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता के साथ-साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी प्राथमिकता दी जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारियों को निष्पक्षता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तहसील जलेसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 80 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 15 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रेषित किया गया।
तहसील एटा सदर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजय नारायण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 23 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 06 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया गया।
तहसील अलीगंज में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चन्द्र प्रकाश पाठक की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 25 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 05 का मौके पर निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए प्रेषित करते हुए स्थलीय सत्यापन एवं नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
तहसील जलेसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी विपिन वर्मा, उपजिलाधिकारी पीयूष रावत, क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, तहसीलदार हेरेंश कर्दम, नायब तहसीलदार मनीष कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उपनिदेशक कृषि सुमित कुमार, जिला कृषि अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद जलेसर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
