बाढ़ के बाद बीमारियों की आशंका, स्वास्थ्य शिविर में मरीजों को मिली जांच और दवाएं
अमृतपुर। गंगा की बाढ़ के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को अमृतपुर की प्राचीन ब्रिटिशकालीन चौकी पर निशुल्क स्वास्थ्य एवं आयुष्मान कार्ड शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सरकारी चिकित्सकों ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरत के अनुसार दवाइयां वितरित कीं। इस दौरान ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया।
राजेपुर विकासखंड के गंगा किनारे बसे गांवों में हर साल बाढ़ के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद दूषित पानी और गंदगी से बुखार, त्वचा संबंधी समस्याओं तथा पेट की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में सचिन यादव ने पात्र लोगों से आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बाढ़ से ग्रामीणों को स्थायी राहत दिलाने के लिए गंगा किनारे तटबंध निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ से किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं और ग्रामीणों को आवागमन समेत कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष तटबंध निर्माण का मुद्दा रखने की बात कही।
इस दौरान गंगा एक्सप्रेसवे के मार्ग को लेकर भी सचिन यादव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि वह उस समय भाजपा में होते तो एक्सप्रेसवे राजेपुर क्षेत्र से होकर गुजरता। हालांकि, तटबंध निर्माण की स्वीकृति और एक्सप्रेसवे के मार्ग में बदलाव की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
शिविर में रामवीर यादव, रामसागर यादव, संजय अग्निहोत्री, समीर बाजपेई, प्रिंस चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
