गौ आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने दिए सख्त निर्देश
अतिशीघ्र पूरे कराएं सुधार कार्य, पांच गौ आश्रय स्थलों को मॉडल के रूप में किया जाएगा विकसित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण, सुरक्षा, चारा-पानी और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर
एटा। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गौ आश्रय स्थलों के संचालन हेतु गठित जिला अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौ वंश की सुरक्षा, बेहतर खानपान, साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़कों एवं बाजारों में घूम रहे निराश्रित गोवंश को नजदीकी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जाए। चारागाह की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसे गौ आश्रय स्थलों से संबद्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सभी उप जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की सुरक्षा के दृष्टिगत पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए एक वर्ष का रिचार्ज कराने तथा निर्बाध संचालन के लिए इनवर्टर सहित पावर बैकअप की व्यवस्था करने को कहा। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों द्वारा गौ आश्रय स्थलों के निरीक्षण के दौरान दिए गए सुझावों एवं सुधार संबंधी निर्देशों को निर्धारित दिवस के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी गौ आश्रय स्थलों में वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण कराने तथा परिसर में समुचित समतलीकरण एवं खड़ंजा निर्माण तथा नियमित रूप से साफ सफाई कराने पर भी जोर दिया।
उन्होंने निर्देशित किया कि गौ आश्रय स्थलों में नर, मादा एवं कमजोर गोवंश को अलग-अलग रखा जाए, ताकि उनकी देखभाल और खानपान की व्यवस्था बेहतर ढंग से सुनिश्चित हो सके। सभी गोवंश की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग कराई जाए तथा उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं चारा-पानी का विशेष ध्यान रखा जाए। खंड विकास अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से गौ आश्रय स्थलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और कमियों को तत्काल दूर कराएं।
जिलाधिकारी ने पांच चिन्हित गौ आश्रय स्थलों को मॉडल गौ आश्रय स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि वहां सभी आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं, पुनः बैठक आयोजित कर कार्यों की प्रगति एवं अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम सच्चिदानंद,जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डॉ0 आर0 पी0 शर्मा,उप निदेशक कृषि सुमित कुमार,समस्त उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा समस्त पशु चिकित्सा अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
