संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, माइक्रो प्लान के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली
हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, एंटी लार्वा छिड़काव एवं फॉगिंग कराने के निर्देश
डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य
एटा। संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी एम.अरुन्मोली की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्धारित माइक्रो प्लान के अनुसार अभियान की गतिविधियों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का पूरी मुस्तैदी से निर्वहन करें। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, एंटी लार्वा दवा का छिड़काव तथा फॉगिंग का कार्य माइक्रो प्लान के प्राथमिकता पर अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संचारी रोगों की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
हाई रिस्क क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान चलाकर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों को पूर्ण कराया जाए। प्रत्येक घर तक पहुंचकर मच्छरों के प्रजनन के संभावित स्थलों की पहचान की जाए तथा पानी जमा होने वाले ऐसे सभी माध्यमों को नष्ट कराया जाए, जहां मच्छर पनप सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें।
जिलाधिकारी ने झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणों को जागरूक किया जाए कि बुखार अथवा अन्य बीमारी होने पर वह अप्रशिक्षित चिकित्सकों से उपचार कराने के बजाय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अथवा जिला चिकित्सालय में योग्य चिकित्सकों से ही उपचार प्राप्त करें।
उन्होंने आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया, बुखार एवं अन्य संक्रामक रोगों के लक्षण, बचाव तथा समय से उपचार के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालकों को अपने पशुओं को साफ-सुथरे स्थानों पर बांधने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करने को कहा।
बैठक में सीडीओ राजेन्द्र प्रसाद मिश्र,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एसीएमओ डॉ0 राम मोहन तिवारी, डॉ0 सुधीर मोहन,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 सुरेश चंद्रा,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आर पी शर्मा,समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर निकाय तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
