प्रयागराज में (ARTO) आनंद प्रताप राव को रास्ते में घेरकर धमकाने का मामला
चार निलंबित कर्मचारियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और गाड़ी के शीशे पर लात मारी। पत्नी-बच्चों को उठवाने, नौकरी नहीं करने देने और जान से मारने की धमकी भी दी……
प्रयागराज में परिवहन विभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) आनंद प्रताप राव को रास्ते में घेरकर धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार निलंबित कर्मचारियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और गाड़ी के शीशे पर लात मारी। पत्नी-बच्चों को उठवाने, नौकरी नहीं करने देने और जान से मारने की धमकी भी दी। कर्नलगंज पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आनंद प्रताप राव परिवहन विभाग में ARTO (प्रवर्तन), प्रथम दल प्रयागराज के पद पर तैनात हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 16 अक्टूबर की शाम करीब चार बजे वह एलनगंज स्थित अपने सहकर्मी प्रवर्तन अधिकारी राजीव कुमार के आवास से सरकारी काम के सिलसिले में फील्ड पर निकल रहे थे। इसी दौरान चार निलंबित कर्मियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोपितों में निलंबित प्रवर्तन सिपाही पंकज सिंह, अनिल प्रताप सिंह, प्रवर्तन पर्यवेक्षक शीतला प्रसाद यादव और प्रवर्तन चालक जनार्दन शर्मा शामिल हैं। पंकज ने कहा कि उन्हीं की वजह से सभी को निलंबित किया गया है। साथ ही, आरोप लगाया कि जब उनके साथी हाईकोर्ट में निलंबन के खिलाफ याचिका दाखिल कर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, ARTO मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं।
मामले में अपर महाधिवक्ता (AAG) को पैरवी के लिए जोड़े जाने की कोशिश की जा रही है। इसी बात को लेकर चारों ने उन्हें घेरकर गालियां दीं और मुकदमे की पैरवी बंद करने की धमकी दी।
ARTO ने तहरीर में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान पंकज ने उनकी गाड़ी के शीशे पर लात मारी। इसके बाद उनकी पत्नी और बच्चों को लेकर धमकी दी गई। यह भी कहा कि उनका परिवार लखनऊ में रहता है और उन्हें घर से उठवा लिया जाएगा।
यह भी कहा कि आगे से सड़क पर चेकिंग के लिए निकलते समय यह सोच लें कि वह घर लौट भी पाएंगे या नहीं। साथ ही, मुकदमे की पैरवी बंद करने और छुट्टी लेकर घर चले जाने की बात कही। ARTO का आरोप है कि उन्हें नौकरी नहीं करने देने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
एआरटीओ ने पुलिस को बताया कि, चारों कर्मियों के खिलाफ अनुशासनहीनता, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें थीं। उनके मुताबिक, इन्हीं शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने संबंधित कर्मियों को निलंबित किया था। ARTO ने दावा किया कि इसी वजह से आरोपित उनसे नाराज थे और बदले की भावना से कार्रवाई कर रहे थे। यह भी आरोप लगाया कि संबंधित कर्मियों ने अवैध वसूली से संपत्ति अर्जित की है।
ARTO ने पुलिस से कहा कि सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते समय उनका घेराव करना, गाली-गलौज करना और जान से मारने की धमकी देना गंभीर मामला है। इससे उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ सरकारी कामकाज पर भी असर पड़ा है।
उधर कर्नलगंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर चारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विस्तृत जांच पड़ताल जारी है।
