रसूलपुर गढ़ौली में संदिग्ध बीमारी से 17 मौतों का दावा, 350 ग्रामीण बीमार; कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा
संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए दो फॉगिंग मशीनें देने की पहल, प्रशासन से जांच और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
जनरल फोर्स ब्यूरो
एटा/मारहरा। जनपद एटा के मारहरा ब्लॉक के रसूलपुर गढ़ौली गांव में संदिग्ध बीमारी को लेकर ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों की ओर से अब तक करीब 17 लोगों की मौत और लगभग 350 लोगों के बीमार होने का दावा किया गया है। स्थिति का जायजा लेने के लिए पूर्व एमएलसी विवेक बंसल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधिमंडल ने गांव का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ की अपेक्षानुसार किए गए इस दौरे के दौरान संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए क्षेत्र को दो फॉगिंग मशीनें उपलब्ध कराने की पहल भी की गई।
ग्रामीणों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि गांव में बीमारी फैलने से लोगों में दहशत है। समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण कई लोग इलाज के लिए एटा, आगरा और अलीगढ़ के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इससे प्रभावित परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई।
पूर्व एमएलसी विवेक बंसल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से गांव में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने की मांग की। साथ ही प्रत्येक घर का स्वास्थ्य सर्वेक्षण कराने, बीमार लोगों की पहचान करने और जरूरतमंद मरीजों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच कराने तथा डेंगू, मलेरिया और अन्य संभावित संक्रमणों की जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम और मच्छरों से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने मौतों से प्रभावित परिवारों की स्थिति का सत्यापन कर उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, जांच में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और स्थिति सामान्य होने तक गांव में नियमित रूप से चिकित्सा टीम तैनात रखने की भी मांग की। उन्होंने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनता का जीवन अनमोल है और प्रत्येक पीड़ित को समय पर उपचार मिलना चाहिए। प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के साथ बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाना प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा की।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व एमएलसी विवेक बंसल, जिला कांग्रेस कमेटी एटा के अध्यक्ष हाजी आशिक हुसैन भोले, शहर कांग्रेस कमेटी एटा के अध्यक्ष विनीत पारासर वाल्मीकि, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष अनिल कुमार सोलंकी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी तारा राजपूत, चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. शेख गुल मोहम्मद और डॉ. पवन यादव, प्रदेश सचिव डॉ. सलमान, जिला कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ एटा के अध्यक्ष डॉ. नेम कुमार शाक्य, जिला कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ लखनऊ के अध्यक्ष डॉ. हलीम, वरिष्ठ नेता अरुणेश गुप्ता, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा, सेवा दल के जिला अध्यक्ष संजीव गुप्ता, पूर्व जिला महासचिव जितेंद्र राजपूत, बबलू सागर, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजपाल वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष गंगा सहाय लोधी और पूर्व जिला अध्यक्ष एकेश लोधी सहित अन्य कांग्रेसजन शामिल रहे।
