
हत्या की प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)
हत्या की प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:सोशल मीडिया)
Lucknow Crime News: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में मड़ियाव क्षेत्र में गत 24 अगस्त को 27 साल के आशुतोष सिंह की शव मिला था। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने आशुतोष सिंह के मौत होने की पुष्टि हुई थी।
हत्या के खुलासे के बाद घटनास्थल पर मड़ियाव पुलिस पहुंची। घटना स्थल पर पहुंचे के बाद पुलिस को आशुतोष सिंह का शव जिस जगह पर मिला था उस जगह से कुछ दूरी पर ही सड़क किनारे एक दुर्घटनाग्रस्त ब्रेजा कार खड़ी मिली थी। जिसके बाद पुलिस जांच में पता चला की डिवाइडर से टकराने की वजह से कार चालक कार छोड़ कर भाग गया था।
हत्या की गुत्थी समझाने में जुटी पुलिस
जिसके बाद पुलिस ने कार के मालिक की जांच की तो पता चला कि कार मालिक यूपी के इटावा का रहने वाला हेमेंद्र प्रताप यादव है। जिसके बाद पुलिस फिर आशुतोष सिंह की हत्या की गुत्थी सुलझाने में लग गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आशुतोष सिंह की करीब डेढ़ महीने पहले ही प्रीति नाम की युवती से शादी हुई थी।
प्रीति हरदोई में सरकारी टीचर है। वहीं हेमेंद्र प्रताप यादव इटावा में सरकारी टीचर है। जिसके बाद पुलिस ने शुरूआती जांच के लिए दोनों के मोबाइल नंबर थे। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के लिए दोनों की सीडीआर निकाली तो पता चला कि हेमेंद्र और प्रीति बीच लगातार बातचीत हो रही थी। जिसके बाद पुलिस ने प्रीति और हेमेंद्र से उनके संबंधों के बारे में पुछताछ की तो उन्होंने बताया कि दोनों ही सरकारी शिक्षक हैं। कुछ समय पहले ही दोनों उन्नाव जिले के औरास में एक साथ तैनात थे।
पुलिस की सख्ती से पुछताछ के बाद पता चला की दोनों में प्रेम संबंध था
जिसके बाद पुलिस ने हेमेंद्र और प्रीति से सख्ती से पुछताछ की तो पता चला की उन्नाव में तैनाती के दौरान दोनों में प्रेम संबंध था। वहीं प्रीति की इसी वर्ष साल 2021 की शुरूआत में हेमेंद्र का ट्रांसफर इटावा में हो गया और प्रीति का हरदोई में तबादला हो गया। जिसके बाद प्रीति की इसी साल जुलाई 2021 में शादी एक प्राइवेट डायग्रोस्टिक सेंटर के पीआरओ आशुतोष सिंह से हो गई थी।
शादी के बाद प्रीति और हेमेंद्र के बीच बीतचीत कम हो गई थी
जिसके कारण प्रीति और हेमेंद्र यादव से बातचीत कम हो गई थी। लेकिन प्रीति अपने पति आशुतोष सिंह से संतुष्ठ नहीं थी। जिसके कारण दोनों में लड़ाईयां होती रहती थी। प्रीति यह सभी बातें अपने साथी शिक्षक सुनील कुमार को बताती थी। सुनील कुमार यह सूचना हेमेंद्र प्रताप यादव को दे दी।
प्रीति और हेमेंद्र ने आशुतोष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई
जिसके बाद आशुतोष सिंह को रास्ते से हटाने के लिए प्रीति और हेमेंद्र ने योजना बनाई। दोनों का लगा कि यदि आशुतोष रास्ते से जाएगा तो उनकी सारी मुश्किलें दूर हो जाएंगी। जिसके बाद योजना के तहत हेमेंद्र ने आशुतोष को एक बड़ी सप्लाई दिलाने का लालच देकर 23 अगस्त की शाम को बुलाया। जिसके बाद हेमेंद्र को आशुतोष को अपनी ब्रेजा कार में बैठाकर इधर उधर धुमाता रहा। सुनसान रास्ता मिलते ही हेमेंद्र ने आशुतोष सिंह को तमंचे सि गोली मारकर हत्या कर दी।
हेमेंद्र आशुतोष के शव को कार से धक्का देकर फरार हो गया
जिसके बाद हेमेंद्र यादव ने आशुतोष सिंह के शव कार से धक्का देकर सड़क पर गिराकर मौके पर फरार हो गया। लेकिन हड़बड़ी में भागते समय हेमेंद्र की कार रोड डिवाइडर से टकरा गई। घबराया हेमेंद्र कार को सड़क के किनारे खड़ी कर भाग निकला।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
लेकिन जब पुलिस को हेमेंद्र की कार हाथा लगी। जिसको पहले पुलिस ने रूटीन एक्सीडेंट माना, लेकिन जब पुलिस ने कार के मालिक की जांच की तो पता चला कि हेमेंद्र प्रताप यादव ने ही आशुतोष सिंह की हत्या की है। एडीसीपी नॉर्थ प्राची सिंह ने बताया कि पुलिस ने आशुतोष की पत्नी प्रीति उसके प्रेमी हेमेंद्र यादव औैर उसके साथी सुनील को हत्या और हत्या की साजिश रचने की जर्म में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुए तमंचा और मारूती ब्रेचा कार को भी बरामद किया है।
कलप्रिट तहलका (राष्ट्रीय हिन्दी साप्ताहिक) भारत/उप्र सरकार से मान्यता प्राप्त वर्ष 2002 से प्रकाशित। आप सभी के सहयोग से अब वेब माध्यम से आपके सामने उपस्थित है।
समाचार,विज्ञापन,लेख व हमसे जुड़ने के लिए संम्पर्क करें।
