खाद्य सुरक्षा विभाग का मिलावट खोरों को संरक्षण, निरीक्षकों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप
एटा। त्यौहारों के सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग एटा के कुछ निरीक्षकों पर खाद्य कारोबारियों से कथित रूप से अवैध वसूली कराए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिलेभर में यह जनचर्चा बनी हुई है कि मिठाइयों की दुकानों से लेकर दूध,पनीर, मावा व्यापारियों का जो मिलावटखोरी का धंधा चल रहा है इसे खाध सुरक्षा विभाग का पूरा संरक्षण मिला हुआ है दरअसल मिलावटखोरों से विभागीय अधिकारी, कर्मचारी महीनादारी के तौर पर तय वसूली फीस वसूलते हैं यही कारण है मिलावटखोरों के हौंसले बुलंद हैं और खुलेआम बाजार में जहर बेच रहे हैं।
मीडिया में प्रसारित खबरों के मुताबिक आरोप है कि खाध निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की दुकानों, प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों और खोया की आढ़तों पर पहुंचकर छोटे दुकानदारों से कथित तौर पर एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये तथा थोक सप्लायरों से 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की रकम की मांग कर रहे हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस कथित वसूली के लिए विभागीय कर्मचारियों के साथ निजी लोगों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें सुरेश चन्द्र उर्फ पजामा नाम के व्यक्ति का उल्लेख किया गया है। आरोप लगाने वालों का कहना है कि दुकानदारों और कारोबारियों को फोन करके भी रकम मांगे जाने की बात सामने आ रही है।
जलेसर क्षेत्र को लेकर भी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें मुकेश जादौन नाम के व्यक्ति का उल्लेख करते हुए दावा किया गया है कि संबंधित निरीक्षक उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। यही मुकेश जादौन पूर्व में भी मालती खाद्य सुरक्षा निरीक्षक के साथ में रहता था अब जलेसर प्रभारी अपने साथ लेकर चल रहे हैं। सबूत के तौर पर सीसीटीवी कैमरे में साफ देखा जा सकता है।
जिस खाद्य सुरक्षा विभाग पर मिलावटखोरी रोकने का जिम्मा है वो ही अपनी तिजोरी भरने के चक्कर में मिलावटखोरों को संरक्षण दे रहे हैं और आम नागरिक इन भ्रष्ट खाध सुरक्षा विभाग के निरीक्षकों की लापरवाही के चलते तमाम तरह के मिलावटखोरी वाले मिष्ठान, दुध, मावा खाने को मजबूर हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक गांव से दूध का पाउडर बेचने वाले से खाध निरीक्षक द्वारा 50 हजार रुपए की उगाही की है।
खाध सुरक्षा विभाग की अवैध वसूली के चलते शहर से लेकर कस्बों तक मिलावटखोरी वाले मिष्ठान, दुध, मावा खुलेआम बाजारों में बिक रहे हैं।
