वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज में जटिल स्त्री रोग शल्यक्रियाओं की सफलता: बिना पेट पर चीरा लगाए जटिल ऑपरेशन कर चिकित्सकों ने दिखाई विशेषज्ञता
एटा। वीरांगना अवंतीबाई लोधी ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज, एटा उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के प्रभावी मार्गदर्शन एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह के कुशल निर्देशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा पिछले कुछ महीनों में अनेक जटिल स्त्री रोग संबंधी शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गई हैं, जिससे वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही अनेक महिलाओं को स्थायी राहत मिली है।
विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह ने बताया कि जुलाई माह के दौरान कई ऐसे जटिल मामलों का सफल उपचार किया गया, जिनमें मरीज अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से लंबे समय से पीड़ित थीं। जांच के दौरान कुछ मरीजों की बच्चेदानी में लगभग 7×8 सेंटीमीटर आकार एवं एक किलोग्राम से अधिक वजन की रसौली पाई गई। एक अन्य महिला की बच्चेदानी के मुख पर अत्यंत बड़ी रसौली थी, जिसके कारण कई अस्पतालों ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया था। ऐसे चुनौतीपूर्ण मामलों में मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम ने सफल शल्यक्रिया कर मरीजों को नई जिंदगी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि एक महिला, जो कई वर्षों से गंभीर समस्या से परेशान थी, सफल ऑपरेशन के बाद भावुक होकर पूरे चिकित्सक दल का आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ निवासी एक महिला, जिसकी लगभग 8 सेंटीमीटर की बड़ी रसौली का आधा भाग शरीर के बाहर लटक रहा था, उसने बच्चेदानी सुरक्षित रखने की इच्छा जताई। मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ टीम ने बिना पेट पर चीरा लगाए सफल शल्यक्रिया कर बच्चेदानी को सुरक्षित रखा। उपचार के सात दिन बाद मरीज स्वस्थ होकर अपने गृह प्रदेश लौट गई।
मरीजों एवं उनके परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की दक्षता, समर्पण एवं संवेदनशील सेवाओं की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से जटिल से जटिल रोगों का सफल उपचार किया जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर उपचार के लिए अन्य स्थानों पर न जाना पड़े।
