उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करें: जिला कृषि अधिकारी
खरीफ फसलों के लिए यूरिया, डीएपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
अनियमितता एवं अधिक मूल्य वसूली पर होगी कड़ी कार्यवाही
एटा। खरीफ फसलों की बुवाई के दृष्टिगत जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने जनपद के समस्त थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विक्रेता कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराएं। निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अंतर्गत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खरीफ सीजन में प्रमुख फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर अधिकतम 07 बैग यूरिया एवं 05 बैग डीएपी की बिक्री अनुमन्य है। सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे कृषकों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करें तथा फसल एवं क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों का वितरण पॉस मशीन के माध्यम से निर्धारित दर पर किया जाए तथा प्रत्येक कृषक को उर्वरक क्रय की रसीद अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। किसी भी दशा में मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए। साथ ही थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे उर्वरक आपूर्तिकर्ता एवं विनिर्माता कंपनियों से टैगिंग सामग्री प्राप्त न करें और न ही फुटकर विक्रेताओं को उपलब्ध कराएं।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान समय में यूरिया 26,163 मीट्रिक टन, डीएपी 11,203 मीट्रिक टन, एनपीके 3,941 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 3,055 मीट्रिक टन उपलब्ध है। उर्वरकों की रैक लगातार जनपद में प्राप्त हो रही हैं, जिससे जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। उर्वरकों का वितरण सभी क्षेत्रों में बोई जा रही फसलों की आवश्यकता के अनुरूप समान रूप से कराया जा रहा है। साथ ही अन्य जनपदों के कृषकों को उर्वरक बिक्री न किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की कि वे खरीफ फसलों की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक क्रय करें तथा भविष्य के लिए अनावश्यक भंडारण न करें। उर्वरक खरीदते समय विक्रेता से रसीद अवश्य प्राप्त करें।
खरीफ फसलों की बुवाई हेतु उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या होने पर कृषक जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के दूरभाष 05742-297086 पर संपर्क कर सकते हैं।
