राष्ट्रीय लोक अदालत में 53 हजार से अधिक वादों का निस्तारण, एटा ने बनाया नया रिकॉर्ड
एटा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से निर्देशों के अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश राकेश धर दुबे की अध्यक्षता में आज दिनांक 12.09.2026 को दीवानी न्यायालय एटा, ग्राम न्यायालय अलीगंज व कलेक्ट्रेट तथा समस्त तहसील न्यायालयों के परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारम्भ प्रातः 10:30 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश एटा अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) द्वारा सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा एक जिला एक उत्पाद के अन्तर्गत उत्पाद हेतु स्टॉल लगाये गये, जनपद एटा में आये वाद कारियों को निशुल्क चिकित्सा सिविर एवं जलेसर तहसील की पीतल के घण्टों का स्टॉल मुख्य रूप से आकर्षण का केन्द्र रहे।
इस अवसर पर राकेश धर दुबे, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा, अहमद उल्लाह खाँ, पीठासीन अधिकारी, एम०ए०सी०टी०, गोपाल उपाध्याय, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय एटा, दिनेश कुमार शर्मा-III, अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत, मनीषा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष सं०-1, अशोक कुमार-XIII, विशेष न्यायाधीश, शशी भूषण कुमार शाण्डिल, विनीत कुमार वासवानी, निशान्त शैव्य, नरेन्द्र पाल राणा, कमालुद्दीन, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, सारिका गोयल, मौहम्मद फिरोज, शीलवंत एवं सुधा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एटा, युगल चन्द्र चौधरी, अपर सिविल जज (सी0डि0)/प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा, सौरभ वर्मा, जिला अग्रणी बैंक एटा तथा श्री अनिल कुमार-XI, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा सहित समस्त मजिस्ट्रेट एवं आदि न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण व सुरक्षाकर्मी आदि उपस्थित रहे।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 1,21,000 वाद सूचीबद्ध थे, जिसमें से लगभग 53,000 से भी अधिक वादों का निस्तारण किया गया जो इस जनपद की अब तक की राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किये गये वादों की अधिकतम संख्या है और इस जनपद के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा कुल 5 वादों एवं 3,000/- जुर्माना, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय द्वारा कुल 61 परिवारिक मामलों का आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण द्वारा कुल 146 वादों का निस्तारण किया गया व मु०-10,72,04,293/- रूपये की क्षतिपूर्ति दिलवायी गयी। स्थाई लोक अदालत एटा द्वारा कुल 3 वादों का निस्तारण किया गया व मु०-17,000/- रूपये की क्षतिपूर्ति दिलवायी गयी।, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष सं0-1, द्वारा कुल 7 एवं 20,500/- जुर्माना , विशेष न्यायाधीश (ई०सी०एक्ट) द्वारा 459 वाद , विशेष न्यायाधीश पॉक्सो (एक्सक्लूसिव) द्वारा कुल 26 वाद एवं 26,000/- जुर्माना, विशेष न्यायाधीश, गैंगेस्टर एकेट/ नोडल अधिकारी द्वारा कुल 3 वाद एवं 8,500/- जुर्माना, विशेष न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो-I) द्वारा कुल 11 वाद एवं 11,000/- जुर्माना, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर द्वारा कुल 531 एवं 10,600/- जुर्माना, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा लगभग 2652 मामलों का, सिविल जज (सी0डि0) /F.T.C द्वरा 278 वाद एवं 17860/- रुपये जुर्माना सिविल जज (सी०डि०), एटा द्वारा कुल 14 वाद, अपर सिविल जज (सी०डि०), एटा द्वारा लगभग 498 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष सं0-17 द्वारा लगभग 489 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष सं0-18 द्वारा कुल 537 वाद एवं 26450/- जुर्माना अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष सं0-20 द्वारा कुल 394 वाद एवं 40700/- जुर्माना सिविल जज (जू०डि०), जलेसर द्वारा कुल 251 वाद एवं 2,830/- जुर्माना व सिविल जज (जू०डि०) द्वारा कुल 137 वाद एवं 20780/- जुर्माना व 130222/- रुपये क्षतिपूर्ति दिलवायी गयी, अपर सिविल जज (जू०डि०) /F.T.C (C.A.W) द्वरा 139 वाद एवं 31700/- रुपये जुर्माना, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 458 वाद एवं 35570/- जुर्माना तथा ग्राम न्यायालय, अलीगंज एटा द्वारा कुल 630 वाद एवं 41780/- रूपये का जुर्माना कर मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं चकबन्दी न्यायालयों द्वारा कुल 44238 लम्बित / प्री-लिटीगेशन वादों का निस्तारण किया गया और सभी बैंकों के द्वारा 669 मामलों का निस्तारण कर लगभग 09 करोड़ 09 हजार रूपये वसूले गये और मौके पर 03 करोड़ 52 लाख 91 हजार रूपये की ऋण वसूली कर बैंकों द्वारा लोन मामलों का निस्तारण किया गया।
