“भ्रष्ट नौकरशाही कभी नहीं चाहेगी कि मेरे जैसे जिद्दी लोगों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर मिले”
“मेरे लिए शायद यही बेहतर होगा कि किसी अन्य राज्य/कैडर में जाकर सकारात्मक कार्य करने का अवसर मिले और मैं स्वयं को भी परख सकूँ कि अनुकूल संस्थागत वातावरण में वास्तव में कितना सकारात्मक बदलाव ला सकता हूँ”
“अब देखना है कि कौन-सा राज्य/कैडर मुझे यह अवसर देता है/झेल सकता है—या कौन-सा राज्य/कैडर संवैधानिक व्यवस्था के उद्देश्य से बिना अनावश्यक भटकाव के ही देश/मानव सेवा करने के लिए कैडर ट्रांसफर के मेरे इस अनुरोध को स्वीकार करता है”
ये पत्र यूपी के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने केंद्र सरकार को लिखा है। रिंकू चाहते हैं कि उनका कैडर बदल दिया जाए। अब देखना है कि केंद्र सरकार क्या फैसला लेती है। रिंकू सिंह वकीलों के सामने उठक बैठक करने, एक बीजेपी नेता को पीटने, कैमरे के सामने जांच करने जैसी घटना के बाद चर्चा में रहे हैं।
