रेलवे के माध्यम से बिना मंडी शुल्क मक्का भेजने का प्रयास विफल, प्रशासन का बड़ा एक्शन
डीएम के निर्देश पर राजस्व एवं प्रशासनिक टीम की संयुक्त छापेमारी
बिना गेट पास एवं मंडी शुल्क के 24,900 कुंतल मक्का भेजने का मामला पकड़ा, ₹8.72 लाख से अधिक का मंडीशुल्क /जुर्माना अधिरोपित
राजस्व की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कठोर वैधानिक कार्रवाई : जिलाधिकारी
एटा। जनपद में मंडी शुल्क एवं राजस्व की चोरी रोकने के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के निर्देशन में प्रशासन द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए अलीगंज रोड स्थित नवीन मंडी समिति परिसर से रेलवे के माध्यम से अन्य प्रदेशों को भेजी जा रही मक्का की खेप पर छापेमार कार्यवाही की गई। जांच में बिना गेट पास एवं बिना मंडी शुल्क जमा किए मक्का का परिवहन किए जाने का मामला सामने आया, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रेट के निर्देश पर तत्काल संबंधित फर्म पर ₹8,72,300 का मंडीशुल्क/जुर्माना अधिरोपित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि विगत सप्ताह रेलवे मालगोदाम का निरीक्षण करते समय यह जानकारी प्राप्त हुई थी कि रेलवे के माध्यम से उर्वरकों के साथ-साथ खाद्यान्न का भी बड़े स्तर पर परिवहन किया जाता है। इसी क्रम में बुधवार को प्राप्त सूचना के आधार पर तत्काल अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल,डिप्टी कलेक्टर विपिन कुमार मोरल, तहसीलदार नीरज कुमार, सहित संयुक्त टीम का गठन कर मौके पर छापामार कार्यवाही कराई गई।
जांच के दौरान पाया गया कि मां शारदा ट्रेडिंग कंपनी की गाड़ियों से लगभग 24,900 कुंतल मक्का रेलवे के माध्यम से अन्य प्रदेश भेजा जा रहा था, जबकि इसके लिए न तो वैध गेट पास जारी कराया गया था और न ही नियमानुसार मंडी शुल्क आर-9 जमा किया गया था। प्रथम दृष्टया यह मामला मंडी शुल्क की चोरी का पाया गया, जिस पर मंडी समिति द्वारा तत्काल ₹8,72,300 का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रेलवे के माध्यम से अन्य फर्मों द्वारा भेजी गई कृषि उपज एवं अभिलेखों की भी विस्तृत जांच की जाए, ताकि यदि कहीं और भी मंडी शुल्क की चोरी की गई हो तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट कहा कि शासन के राजस्व की चोरी किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिरोपित धनराशि की वसूली भू-राजस्व की भांति की जाएगी। साथ ही संबंधित फर्म के लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी तथा इस पूरे प्रकरण में संलिप्त मंडी समिति के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गहन जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
