जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु ई-लॉटरी से 130 कृषकों का चयन, प्रक्रिया में रही पूर्ण पारदर्शिता
रैंडमाइजेशन के आधार पर कृषकों द्वारा बताए गए नंबर से हुआ चयन, किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की नहीं गुंजाइश
576 आवेदनों में से 130 कृषक हुए चयनित, लगभग 1.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी का मिलेगा लाभ
एटा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) एवं प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीड्यू (सीआरएम) योजनान्तर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने हेतु पात्र कृषकों का चयन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जा रहा है। कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए लाभार्थियों के चयन में किसी भी प्रकार की सिफारिश अथवा हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि ई-लॉटरी की प्रक्रिया पूर्णतः रैंडमाइजेशन के आधार पर संपन्न कराई गई, जिसमें उपस्थित कृषकों द्वारा बताए गए नंबरों को सिस्टम में दर्ज कर रैंडमाइजेशन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी अथवा अनियमितता की कोई संभावना नहीं है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के आठों विकासखंडों से कुल 576 कृषकों द्वारा आवेदन किए गए थे, जिनमें से ई-लॉटरी के माध्यम से 130 कृषकों का चयन किया गया है। चयनित कृषकों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान के रूप में लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं से कृषि कार्यों को सुगम बनाने, उत्पादन लागत में कमी लाने तथा फसल अवशेष प्रबंधन को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने चयनित कृषकों को शुभकामनाएं देते हुए योजनाओं का समयबद्ध एवं सही ढंग से लाभ उठाने की अपील की।
उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार किसी कृषि यंत्र पर अनुदान प्राप्त करने के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाता है। ई-लॉटरी की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित तिथि पर आवेदक कृषकों की उपस्थिति में समिति के समक्ष संपन्न कराई जाती है, जिससे चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आयोजित ई-लॉटरी में सुपर सीडर, कस्टम हायरिंग सेंटर, रोटावेटर, मल्टी क्रॉप थ्रेसर, लेजर लैंड लेवलर, मिनी राइस मिल, किसान ड्रोन, कंबाइन हार्वेस्टर तथा स्ट्रॉ रीपर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों हेतु कृषकों का चयन किया गया।
ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित कृषकों के मोबाइल फोन पर चयन संबंधी संदेश भी प्राप्त हुए। चयन की सूचना मिलते ही कृषकों में खुशी एवं उत्साह का माहौल रहा। उपस्थित कृषकों ने रैंडमाइजेशन एवं ई-लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से चयन प्रक्रिया संपन्न कराए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी डॉ0 मनवीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र अवागढ़ के कृषि वैज्ञानिक, लीड बैंक मैनेजर सौरभ वर्मा, प्रगतिशील कृषकगण,कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि तथा आवेदक कृषक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
