पहली कॉल में अपनापन… फिर शादी का भरोसा और आखिर में हिडन कैमरे का खेल!
UP क़े संभल में शादी का सपना दिखाकर लोगों को जाल में फंसाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह पहले कुंवारे या पत्नी खो चुके पुरुषों को निशाना बनाता, फिर महिला सदस्य फोन पर बातचीत कर धीरे-धीरे भरोसा जीतती थी।
मुलाकात के लिए किराये का कमरा तय होता और कमरे में पहले से हिडन कैमरा लगा होता। पुलिस के मुताबिक, यहीं निजी पलों की रिकॉर्डिंग कर बाद में ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक पूरा खेल स्क्रिप्टेड था—पहले प्यार की बातें, फिर शादी का झांसा और आखिर में ब्लैकमेलिंग!
रजपुरा थाना पुलिस ने गिरोह की महिला सदस्य लक्ष्मी, उसके पति प्रमोद उर्फ पालू और वीरेंद्र उर्फ छोटे को गिरफ्तार किया है। वहीं वेदप्रकाश और राजकुमार अभी फरार बताए जा रहे हैं।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, लक्ष्मी ऐसे लोगों के नंबर तलाशती थी जिनकी शादी नहीं हुई थी या जिनकी पत्नी की मौत हो चुकी थी। कई दिनों तक फोन पर बातचीत के बाद उन्हें मुलाकात के लिए बुलाया जाता था।
पुलिस के सामने अब तक ऐसे पांच मामले सामने आ चुके हैं। फरार आरोपियों की तलाश के साथ पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।
